मोक्ष प्राप्त करना चाहते हैं, वे किसी भी पुरस्कार की अपेक्षा किए बिना, पूजा के कार्य, तप के कार्य, और विभिन्न दान के कार्य करते समय 'तत्' शब्द का उच्चारण करते हैं।
भगवान श्री कृष्ण
🕊️ बिना पुरस्कार के कार्य करने की तुम्हारी मानसिक शांति कहाँ है?
कृष्ण 'तत्' शब्द के महत्व को बताते हैं। बिना पुरस्कार के किए गए कार्य तुम्हें स्वतंत्र महसूस कराते हैं।
- मुक्ति का लक्ष्य — बिना पुरस्कार के कार्य करने वाला मन स्वतंत्र होता है।
💭 आप कौन से कार्य बिना पुरस्कार के कर सकते हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।