मैं धनवान हूँ; मैं बहुत प्रसिद्ध हूँ; मेरे जैसा और कौन है?; सुखी रहने के लिए मैं गंभीरता से सेवा करता हूँ; इसी तरह, अज्ञानी लोग भ्रमित होते हैं।
भगवान श्री कृष्ण
🪞 गौरव और धन तुम्हारे मन को मोहित कर रहे हैं?
कृष्ण असुर स्वभावों का वर्णन करते हैं। धन, प्रसिद्धि मन को मोहित करते हैं।
- धन का मोह — धन मन की सच्चाई को छुपाता है।
💭 क्या तुम्हारा गौरव तुम्हारी सच्ची क्षमता को छुपाता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।