ऐसे वृक्ष का रूप इस संसार में अनुभव नहीं किया गया; और, इसका आरंभ, इसका अंत और निरंतरता भी ज्ञात नहीं है; पूर्ण रूप से विकसित इस अश्वत्थ वृक्ष को, आसक्ति के कोड़े से काट डालो।
भगवान श्री कृष्ण
🌳 अश्वत्थ वृक्ष — तुम्हारे जीवन की नींव कहाँ है?
कुरुक्षेत्र में, अश्वत्थ वृक्ष का वर्णन। जीवन के मूल उद्देश्य को समझना चाहिए।
- वैराग्य की शक्ति — वैराग्य तुम्हारे मन को मुक्त करता है।
💭 तुम्हारे जीवन का मूल उद्देश्य क्या है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।