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ज्कुंडली.ai

श्लोक : 15 / 20

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
जो दूसरों द्वारा उत्तेजित नहीं होता; जो दूसरों को उत्तेजित नहीं करता; जो दूसरों द्वारा परेशान नहीं किया जाता; जो सुख, धैर्यहीनता, और भय-तनाव से मुक्त है; ऐसे व्यक्ति मुझको बहुत प्रिय हैं।
🕊️ कृष्ण: तुम्हारी मानसिक शांति कहाँ है?
कृष्ण शांति के महत्व को समझाते हैं। आज की जिंदगी में मानसिक शांति आवश्यक है।
  • 😌 मानसिक शांति — दूसरों के कार्य तुम्हारे मन को प्रभावित नहीं करेंगे।
💭 तुम्हारी मानसिक शांति को भंग करने का कारण क्या है?
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ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।