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श्लोक : 13 / 20

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
जो ईर्ष्या रहित है; सभी जीवों के प्रति मित्रता और करुणा रखने वाला; स्वार्थ रहित; विनम्रता से रहने वाला; अहंकार रहित; सुख और दुख में समान रहने वाला; धैर्यवान; अत्यंत संतुष्ट; ऐसे लोग मुझे बहुत प्रिय हैं।
🌿 कृष्ण का मार्गदर्शन: बिना ईर्ष्या के कैसे जिएं?
कृष्ण यहाँ उच्च गुणों का वर्णन करते हैं। आज के जीवन में, बिना ईर्ष्या के चलना तुम्हारी मानसिक स्थिति को सुधारता है।
  • 🤝 मित्रता और करुणा — मित्रता मानसिक स्थिति को संतुलित करती है।
💭 अपने जीवन में बिना ईर्ष्या के कैसे चलते हो?
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ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।