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ज्कुंडली.ai

श्लोक : 49 / 55

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
मेरे इस भयानक रूप को देखकर भयभीत मत हो; चिंता मत करो; निडर रहो; मन में आनंद अनुभव करो; मन में, ऐसे अच्छे गुणों को धारण करो; तुम जिस रूप को पसंद करते हो, उसे फिर से देखो।
🕊️ अर्जुन का भय, तुम्हारी मन की शांति कहाँ?
कृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि घबराओ मत। आज तुम्हारा भय दूर हो।
  • 😨 भय की छाया — भय तुम्हारे मन को भ्रमित करता है।
💭 तुम्हारा भय तुम्हारे निर्णयों को कैसे प्रभावित करता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।