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श्लोक : 22 / 55

अर्जुन
अर्जुन
रुद्र के पुत्र, अदिती के पुत्र, वसु, ऋषि, विश्वेदेव, जुड़वां अश्विन देवता, मारुत का पुत्र, पूर्वज, गंधर्व, यक्ष, असुर और सिद्ध लोग वास्तव में तुम्हें आश्चर्य से देख रहे हैं।
🌌 अर्जुन की दृष्टि में, तुम्हारे भीतर की गहराई कहाँ है?
अर्जुन कृष्ण के विश्वरूप को देखते हैं। यह तुम्हारे जीवन में चमत्कारों को महसूस करने का क्षण है।
  • 😮 आश्चर्य की भावना — चमत्कार मन को गहराई से प्रभावित करता है।
💭 तुम्हारे जीवन में कौन से क्षण तुम्हें आश्चर्य में डाल देते हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।